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Sunday, April 19, 2020

लॉकडाउन में घरेलू हिंसा में बढ़ोत्तरी


बस बहाना चाहिए था ? कुछ है जो छुपाये नही छुपता !!



-अंजलि सिन्हा

उसने फोन की चर्चा में तो यही बताया था कि सबकुछ ठीक है।

लॉकडाऊन  में सब घर पर हैं। बच्चे भी खुश हैं कि माता पिता घर पर हैं, समय से मनपसंद खाना मिलता है आदि। हालांकि बच्चे बाहर खेलना मिस कर रहे हैं। कभी कभी नेटफिक्स लेटेस्ट मूवी भी देख लेते हैं। पतिदेव भी घर के काम में हाथ बंटा देते हैं, आदि।

यह अलग बात है कि ‘सबकुछ ठीक’ का आवरण अधिक समय तक टिक नहीं सका, जब पड़ोस की परिचिता ने फोन करके बताया कि उसे पति ने किसी बात पर पीटा था, इतना शोरगुल हुआ कि बात घर तक सीमित नहीं रह सकी ।

निश्चित ही उसकी आपबीती अपवाद नहीं कही जा सकती।