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Tuesday, November 26, 2019

D Voter, De-Nesting and Despair: The ‘D Company’ of Assam

-          Shah Alam Khan

On the chars, the river islands of the Brahmaputra in Assam, a snapshot of what life in 'new India' looks like.


Sunday, May 26, 2019

चुनाव नतीजों के बाद: कुछ फुटकर बातें

 -अंजलि सिन्हा

नरेंद्र मोदी दुबारा भारत के प्रधानमंत्राी बनने जा रहे हैं।

यह पहली बार है कि कोई गैरकांग्रेसी सरकार दुबारा सत्ता में आयी है। किसानों के व्यापक असन्तोष, बेरोजगारी की अभूतपूर्व समस्या, बढ़ती महंगाई, अर्थव्यवस्था के संचालन को लेकर विगत सरकार की नाकामियों आदि के चलते जहां विपक्षी पार्टियों को यह लगने लगा था कि इस बार भाजपा 2014 के अपने आंकड़ों को दोहरा नहीं पाएगी, यह उसका आकलन गलत साबित हुआ है।

भाजपा के संकीर्ण नज़रिये एवं व्यवहार को देखते हुए आने वाले पांच साल की यात्रा को लेकर शंकाएं बनना लाजिमी हैं, लेकिन यहां हम भाजपा पर नहीं कांग्रेस से लेकर विपक्ष की धाराओं पर, महिलाओं की मानसिकता आदि पर बात कर रहे हैं।

Tuesday, March 26, 2019

अधिकार के लिए संघर्ष की मिसाल रकमा बाई (1864 - 1955)




विवाह और व्यक्तिगत संबंधों में चुनाव के अधिकार को लेकर लड़नेवाली रकमाबाई हमारे लिए एक प्रेरणा स्त्रोत है। रकमा के पिता का देहांत जब वो दो साल की थी तभी हो गया था। छः वर्ष पश्चात्, उनकी 23 वर्षीय मां जयंती बाई का दूसरा विवाह डॉ साखाराम अर्जुन के साथ कर दिया गया।  चूंकि डॉ अर्जुन सामाजिक और धार्मिक सुधारकों की संगत में रहते थे, इसलिए रकमा  को घर पर प्रोत्साहनशाली वातावरण मिला।

Saturday, March 23, 2019

सहवास के अधिकार का कानून फिर सुनवाई के दायरे में

अंजलि सिन्हा

सुप्रीम कोर्ट में सहवास के अधिकार / रेस्टीटयूशन आफ कान्जुगल राइटस/ के कानून को लेकर फिर से एक याचिका दायर की गयी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका की सुनवाई के लिए सहमति दे दी है। अब सुप्रीम कोर्ट के तीन जज इसकी सुनवाई करेंगे। याचिकाकर्ता कानून के दो छात्रों ने - ओजस्व पाठक और मयंक गुप्ता - इस कानून के खिलाफ दायर अपनी याचिका में कहा है कि यह कानून व्यक्तिगत गरिमा तथा स्वायत्तता के खिलाफ है तथा समानता और स्वतंत्राता के मौलिक अधिकार का हनन करता है। इस कानून में प्रावधान है कि पति या पत्नी एक-दूसरे के खिलाफ दाम्पत्य सम्बन्ध स्थापित करने की डिग्री प्राप्त करने का अधिकार देता है। इस डिग्री का उल्लंघन करना दंडनीय है।

Tuesday, March 5, 2019

'All Is Fair in Love and War' : A Masculine Idea

- Dr Nidhi Mishra

Why are all wars essentially the culmination of toxic masculinity and how deep the misogyny is steeped within war lusty & blood lusty men is perfectly reflected in these "jokes" & "memes" ,of course shared ONLY by men (including the sharing of a tweet by a misogynist female by a male). In a group having both male and female members. This is how men dominate the public discourse. This is how men dominate public space,online or off line. This is how men set the agenda for any group or community. The women either squirmimg silently or joining the bro culture so as not to feel left out and/or be percieved as "unsporting".